जन्म तिथि को लोशु चक्र में स्थापित कर व्यक्ति के व्यक्तित्व एवं जीवन शैली को जानने एवं भविष्य कथन करने की प्राचीन चीनी पद्धति है लोशु चक्र। आप भी इस चक्र में अपनी जन्म तिथि पिरो कर जीवन के घटनाचक्र को जानिए...
विनय सिंघल | 01-Jan-2014
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वक्री ग्रहों के संबंध में ज्योतिष प्रकाशतत्व में कहा गया है कि-“क्रूरा वक्रा महाक्रूराः सौम्या वक्रा महाशुभा।।” अर्थात क्रूर ग्रह वक्री होने पर अतिक्रूर फल देते हैं तथा सौम्य ग्रह वक्री होने पर अति शुभफल देते हैं।
श्वेता ओबराय | 15-May-2015
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जब पृथ्वी ठ स्थान पर आती है, तब पृथ्वी से शनि 180° पर नजर आता है एवं जब पृथ्वी ब् स्थान पर पहुंचती है, तो शनि 180° से कम अंश पर दृश्य होता है।
फ्यूचर पाॅइन्ट | 15-May-2015
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आकाश में जब कोई ग्रह वक्री होता है तो उस काल में जन्मे सभी प्राणियों मनुष्य, पशु, पक्षी, जलचर, कीट, वृक्षादि पर एवं संपूर्ण भूमंडल (मेदनीय ज्योतिष) पर समान रूप से प्रभाव पड़ता है। यहां तक कि गोचरीय स्थिति में ग्रहांे की वक्रता का प्रभाव भी पड़ता ही है।
आर. के. शर्मा | 15-May-2015
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प्रश्न: वक्री ग्रहों का क्या प्रभाव होता है? ग्रहों के उच्च, नीच, शुभ, अशुभ, स्तंभित या अस्त होने की स्थिति में वक्री होने पर उनके प्रभाव में क्या अंतर आता है? ग्रह वक्री कैसे होते हैं? हम मान लें कि पृथ्वी स्थिर है। बुध अपनी चाल से भचक्र का चित्र में दिखाए तीर के निशान की दिशा में चक्कर काट रहा है।
फ्यूचर पाॅइन्ट | 01-Jan-2014
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वक्री शनि- केजरीवाल व मोदी के लिए आफत ।। वक्रा क्रूरा महाक्रूराः, वक्रा शुभा महाशुभाः।। जब क्रूर ग्रह वक्री होते हैं तो वे अति क्रूर अर्थात् महापापी हो जाते हैं। इसी प्रकार यदि शुभ ग्रह वक्री हो जाएं तो वे महाशुभ होकर विशेष शुभ फलदायी हो जाते हैं।
डॉ. अरुण बंसल | 15-May-2015
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शनि ने 26 जनवरी 2017 को सायं काल 7ः 30 मिनट पर वृश्चिक राशि से धनु राशि में प्रवेश किया और 6 अप्रैल को 10ः36 मिनट पर धनु राशि में वक्री हो गये । पुनः शनि 21 जून को सायंकाल 4ः39 बजे वृश्चिक राशि में वापस आ जायेंगे और तत्पश्चात 26 अक्तूबर 2017 को सायंकाल 15ः28 तक इसी राशि में रहेंगे। इसके बाद धनु राशि में पुनः प्रवेश करेंगे और अगले सवा 2 साल अर्थात 24 जनवरी 2020 तक इसी राशि में रहेंगे।
डॉ. अरुण बंसल | 15-Jun-2017
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वैज्ञानिकों ने गहन अनुसंधानों से एक ऐसे जीन का पता लगाया है जो यह निर्धारित करता है की आप हर रोज किस समय उठेंगे और दिन के लगभग किस समय आपकी मृत्यु होगी।
यशकरन शर्मा | 01-Jan-2014
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विशिष्ट व्यक्तियों के जीवन काल का ज्योतिषीय विश्लेषण पढ़ चुके हैं इस अंक में प्रस्तुत है प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री, नृत्यांगना व सांसद रह चुकी श्रीमती वैजयंती माला बाली का जीवन चक्र।
शरद त्रिपाठी | 01-Jan-2014
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22-23 जुलाई 2006, हिंदू समाज, बैंकाक, थाइलैंड 30 जुलाई 2006, खालसा आॅडिटोरियम, सिंगापुर भारत आदिकाल से वेदों के लिए विश्व में प्रख्यात रहा है। वैदिक युग में भारत में विज्ञान अपने चरमोत्कर्ष पर था, किंतु महाभारत युद्ध के पश्चात सब कुछ नष्ट हो गया और विज्ञान पूर्णतः लुप्त हो गया। ज्योतिष विज्ञान एवं आयुर्वेद भी उस समय अपने चरर्मोत्कर्ष पर थे।
डॉ. अरुण बंसल | 01-Jan-2014
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श्री हनुमान अष्ट सिद्धियों के दाता है, जैसा की हनुमान चालीसा के श्लोक 'अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता' से पता चलता है. अत: कोई भी सिद्धि प्राप्त करने के लिए हनुमान जी की आराधना आवश्यक है.
आभा बंसल | 01-Jan-2014
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लग्न कुंडली की तरह प्रत्येक व्यक्ति के हाथ में ९ ग्रह स्थापित होकर क्या कुछ बताते हैं जानने के लिए पढ़िए यह लेख।
बी. आर. अग्रवाल | 01-Jan-2014
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